जब गलियो मे बम फूटेंगे, सब तर्क धरे रह जाएंगे!
जब तुर्की शत्रु टूटेंगे, धन दौलत जो जोडी, सब तुर्क बांध ले जाएंगे!!

महंगी कारे नये फोन तब कुछ भी काम न आएंगे!
सब ठाठ धरे रह जाएंगे, और महल खडे रह जाएंगे!!

धनुष राम का न दीखे, न चक्र कृष्ण का दीखै है!
मुरली घण्टी याद रही, नही गदा भीम की सीखै है!!

तो नाम नही बाकी होगा, तुम शेष नही रह पाओगे!
एक बार तो बोलो तब तुम दोष किसे दे पाओगे!!

जोर जोर से बाज रहा है, कब से जंगी नक्कारा!
गूँज रहा पूरब पश्चिमी बस, असुर निशाचर का नारा!!

आधा पंजाब गया कश्मीर गया, बंगाल लगे जाता सारा!
गाय काट कर दावत होती, नही ह्रदय ने धिक्कारा?!!

मरना तो तेरा पक्का, घर मे मर ले, रण मे मर ले!
या तो घुट घुट कर मर ले, या तू समरांगण का वर ले!!

किन्तु शस्त्र नही थामा तो आन नही बच पायेगी!
सब धी बेटी मात बहू, नीलाम कराई जायेगी!!

पांच पांच डालर मे जैसे, नारी बगदादी की मंडी मे बिकती!
भारत भू पर भी ऐसी ही मंडी मे बोली लगाई जायेगी!!

तो मित्रो हथियार थाम, जय का उच्चार करो!
निशाचरो के दल बल पर, तुम मर्मान्तक प्रहार करो !!

अहिंसा परमो धर्म, धर्म हिंसा तत्थैवच् !! अहिंसा सबसे बडा धर्म है, किंतु धर्म रक्षा हेतु हिंसा बहुत ही आवश्यक है !!

मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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