आज बढ़े हम सीना ताने
नहीं झुकें हम नहीं रुकें हम।
प्रलयंकारी तूफानों में
तूफानों में-तूफानों में॥

सांझ सबेरे चिन्तन
भारत माँ का अख्ण्ड दर्शन।
धरती को सब करने वन्दन
खण्डित भूमि एक कराने।
एक कराने -एक कराने॥१॥

निशान भगवा लहरायेंगे
सारे जग के आगे-आगे।
वैभव सारा प्राप्त करेंगे
मातृभूमि को अमर बनाने॥२॥

शपथ तुम्हें है राम धनुष की
चक्र सुदर्शन और खड्ग की।
ब्रह्म अस्त्र की और परशु की
राष्ट्र भक्ति का परिचय देंगे।
परिचय देंगे-परिचय देंगे॥३॥

āja baṛhe hama sīnā tāne
nahīṁ jhukeṁ hama nahīṁ rukeṁ hama |
pralayaṁkārī tūphānoṁ meṁ
tūphānoṁ meṁ-tūphānoṁ meṁ ||

sāṁjha sabere cintana
bhārata mā kā akhṇḍa darśana |
dharatī ko saba karane vandana
khaṇḍita bhūmi eka karāne |
eka karāne -eka karāne ||1||

niśāna bhagavā laharāyeṁge
sāre jaga ke āge-āge |
vaibhava sārā prāpta kareṁge
mātṛbhūmi ko amara banāne ||2||

śapatha tumheṁ hai rāma dhanuṣa kī
cakra sudarśana aura khaḍga kī |
brahma astra kī aura paraśu kī
rāṣṭra bhakti kā paricaya deṁge |
paricaya deṁge-paricaya deṁge ||3||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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