आज कैसी शुभ घड़ी है

शौर्यमय आनन्द छाया त्याग का है रंग लाया
प्रिय सुखद अनुराग छाया नव उषा की लालिमा में –
किरण भी इसकी पड़ी है॥१॥

अग्निमय है शांत धारा चिह्न शुभ प्रिय ध्वज हमारा
सो रहा इतिहास सारा देख उठ आशा जगाती –
द्वार पर तेरे खड़ी है॥२॥

स्नेह -सिंचित प्राण कर ले स्नेह से परित्राण कर ले
जाति का सन्मान कर ले जाति से ही मधुर जीवन
हिन्दु जीवन की लड़ी है॥३॥

छोड़ बीती सोच बाकी कालिमा तज दे अमा की
भूल तू गति भीरुता की ज्योति चमके पूर्णिमा की
क्या तुझे बीती पड़ी है ॥४॥

āja kaisī śubha ghaṛī hai

śauryamaya ānanda chāyā tyāga kā hai raṁga lāyā
priya sukhada anurāga chāyā nava uṣā kī lālimā meṁ –
kiraṇa bhī isakī paṛī hai ||1||

agnimaya hai śāṁta dhārā cihna śubha priya dhvaja hamārā
so rahā itihāsa sārā dekha uṭha āśā jagātī –
dvāra para tere khaṛī hai ||2||

sneha -siṁcita prāṇa kara le sneha se paritrāṇa kara le
jāti kā sanmāna kara le jātia se hī madhura jīvana
hindu jīvana kī laṛī hai ||3||

choṛa bītī soca bākī kālimā taja de amā kī
bhūla tū gati bhīrutā kī jyoti camake pūrṇimā kī
kyā tujhe bītī paṛī hai ||4||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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