बन्धू रुक मत जाना मग में

लालच लखकर मत फँस जाना
अपना मार्ग बदल मत जाना
एक माल में मिलते जाना
दुःख है अलग -अलग में
बन्धू रुक मत जाना मग में

जाल बिछाते पन्थ घनेरे
जिन पर स्वारथ होते पूरे
ध्येय छोड़ कर किन्तु अधूरे
हँसी करा मत जग में
बन्धू रुक मत जाना मग में

कुछ वर्षो तक कष्ट सहन कर
मिलजुल कर सामर्थ्य -सृजन कर-
भारत को करना शिव सुन्दर –
भर जीवन रग रग में
बन्धू रुक मत जाना मग में

ऐसा पथ फिर ऐसे नेता
ऐसे साथी कहीं मिले क्या
महा भाग रे बढ़ चल लेकर
अंगद सा बल पग में
बन्धू रुक मत जाना मग में

bandhū ruka mata jānā maga meṁ

lālaca lakhakara mata phasa jānā
apanā mārga badala mata jānā
eka māla meṁ milate jānā
duḥkha hai alaga -alaga meṁ
bandhū ruka mata jānā maga meṁ

jāla bichāte pantha ghanere
jina para svāratha hote pūre
dhyeya choṛa kara kintu adhūre
hasī karā mata jaga meṁ
bandhū ruka mata jānā maga meṁ

kucha varṣo taka kaṣṭa sahana kara
milajula kara sāmarthya -sṛjana kara-
bhārata ko karanā śiva sundara –
bhara jīvana raga raga meṁ
bandhū ruka mata jānā maga meṁ

aisā patha phira aise netā
aise sāthī kahīṁ mile kyā
mahā bhāga re baṛha cala lekara
aṁgada sā bala paga meṁ
bandhū ruka mata jānā maga meṁ

, , , , , , , , , , , ,

मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

🙏 सकारात्मक जानकारी को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें 👇

Leave a Reply