भेरू तेरा मुझको पैगाम आ गया,
भक्तो की टोली ले नाकोड़ा आ गया,
दादा तेरी चोखट पे दिल खो गया,
सोचा ना कभी था वो आज हो गया,
भेरू तेरा मुझको पेगाम आ गया।।

तर्ज – छोटे छोटे भाइयो के।

आये है चलकर मेवा नगर,
तय करके हम लम्बा सफर,
झूम उठा सब भक्तो का मन,
सामने आया जब दादा नजर,
भक्ति में आज मैं मगन हो गया,
भक्तो की टोली ले नाकोड़ा आ गया,
दादा तेरी चोखट पे दिल खो गया,
सोचा ना कभी था वो आज हो गया,
भेरू तेरा मुझको पेगाम आ गया।।

दादा तू जाने दिल का हाल,
शरण मे आये तू ही संभाल,
करके कृपा अपने भक्तों पर,
करदो ना दादा हमको निहाल,
खुशियो का शमा ये करीब आ गया,
भक्तो की टोली ले नाकोड़ा आ गया,
दादा तेरी चोखट पे दिल खो गया,
सोचा ना कभी था वो आज हो गया,
भेरू तेरा मुझको पेगाम आ गया।।

करती है दुनिया जिनको नमन,
आये है हम उनकी शरण,
दादा तेरे चरणों मे,
अर्पण है ये तन मन धन,
“दिलबर” दिल मे आनंद छा गया,
भक्तो की टोली ले नाकोड़ा आ गया,
दादा तेरी चोखट पे दिल खो गया,
सोचा ना कभी था वो आज हो गया,
भेरू तेरा मुझको पेगाम आ गया।।

भेरू तेरा मुझको पैगाम आ गया,
भक्तो की टोली ले नाकोड़ा आ गया,
दादा तेरी चोखट पे दिल खो गया,
सोचा ना कभी था वो आज हो गया,
भेरू तेरा मुझको पेगाम आ गया।।

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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