चरण कमल पर माता तेरे प्राणों का संगीत निछावर
अनगिन गुण-सम्पन्न सुतों की जनम-जनम की प्रीति निछावर

बलिहारी माँ पंचतत्व की देह तुम्हीं से जो पायी है
बलिहारी है ह्रदय-भावना संस्कृति ने जो सरसाई है।
सकल सुमति पावन श्रद्घा का अमृतमय नवनीत निछावर।
जनम-जनम की प्रीति निछावर ॥१॥
चरण कमल पर माता तेरे ।

वैभव गौरव और दिव्यता देख तुम्हारा स्वर्ण अचंभित।
वसुन्धरा की सुरभि वाटिका तेरे कारण बनी सुगंधित।
शक्ति बुध्दि और क्षमता से झंकृत जीवन के सब गीत निछावर।
जनम-जनम की प्रीति निछावर ॥२॥
चरण कमल पर माता तेरे ।

न्यौछावर है सभी कामना न्यौछावर सब कर्म साधना।
श्रम-सीकर-कण-हार अर्चना तन मन धन संस्कृर भावना।
आत्म प्रसूत सरस अर्थों से शब्दों की गुण रीति निछावर।
जनम-जनम की प्रीति निछावर ॥३॥
चरण कमल पर माता तेरे ।

caraṇa kamala para mātā tere prāṇoṁ kā saṁgīta nichāvara
anagina guṇa-sampanna sutoṁ kī janama-janama kī prīti nichāvara

balihārī mā paṁcatatva kī deha tumhīṁ se jo pāyī hai
balihārī hai hradaya-bhāvanā saṁskṛti ne jo sarasāī hai |
sakala sumati pāvana śradghā kā amṛtamaya navanīta nichāvara |
janama-janama kī prīti nichāvara ||1||
caraṇa kamala para mātā tere |

vaibhava gaurava aura divyatā dekha tumhārā svarṇa acaṁbhita |
vasundharā kī surabhi vāṭikā tere kāraṇa banī sugaṁdhita |
śakti budhdi aura kṣamatā se jhaṁkṛta jīvana ke saba gīta nichāvara |
janama-janama kī prīti nichāvara ||2||
caraṇa kamala para mātā tere |

nyauchāvara hai sabhī kāmanā nyauchāvara saba karma sādhanā |
śrama-sīkara-kaṇa-hāra arcanā tana mana dhana saṁskṛara bhāvanā |
ātma prasūta sarasa arthoṁ se śabdoṁ kī guṇa rīti nichāvara |
janama-janama kī prīti nichāvara ||3||
caraṇa kamala para mātā tere |

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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