ग़लत मत कदम उठाओ,
सोच कर चलो, विचार कर चलो,
राह की मुसीबतों को पार कर चलो, पार कर चलो ॥ध्रु॥हम पे जिम्मेदारियां हैं देश की बड़ी,
हम न बदलें अपनी चाल हर घड़ी-घड़ी ।
आग ले चलो, चिराग ले चलो,
ये मस्तियों के रंग भरे भाग ले चलो ॥१॥

मंजिल के मुसाफिर तुझे क्या राह की फ़िकर,
चट्टान पर तूफ़ान के झोंकों का क्या असर ।
ये कौन आ रहा, अन्धेरा छा रहा,
ये कौन मंजिलों पे मंजिलें उठा रहा ॥२॥

मिल के चलो एक साथ अब नहीं रुको,
बढ़ के चलो एक साथ अब नहीं झुको ।
साज़ करेगा, आवाज़ करेगा,
हमारी वीरता पे जहां नाज़ करेगा ॥३॥

ग़लत मत कदम उठाओ,
सोच कर चलो, विचार कर चलो,
राह की मुसीबतों को पार कर चलो, पार कर चलो ॥

ġalata mata kadama uṭhāo
soca kara calo vicāra kara calo
rāha kī musībatoṁ ko pāra kara calo pāra kara calo ||dhru||

hama pe jimmedāriyāṁ haiṁ deśa kī baṛī
hama na badaleṁ apanī cāla hara ghaṛī-ghaṛī |
āga le calo cirāga le calo
ye mastiyoṁ ke raṁga bhare bhāga le calo ||1||

maṁjila ke musāphira tujhe kyā rāha kī fikara
caṭṭāna para tūfāna ke jhoṁkoṁ kā kyā asara |
ye kauna ā rahā andherā chā rahā
ye kauna maṁjiloṁ pe maṁjileṁ uṭhā rahā ||2||

mila ke calo eka sātha aba nahīṁ ruko
baṛha ke calo eka sātha aba nahīṁ jhuko |
sāza karegā āvāza karegā
hamārī vīratā pe jahāṁ nāza karegā ||3||

ġalata mata kadama uṭhāo
soca kara calo vicāra kara calo
rāha kī musībatoṁ ko pāra kara calo pāra kara calo ||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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