गौरव मंडित अपना अतीत है भविष्य भी उज्ज्वल महान
आओ हम बदलें वर्तमान
आओ हम बदलें वर्तमान

पश्चिम का कलुष प्रवाह प्रबल संस्कृति सुरज को ग्रास रहा
मानव से मानव का नाता मानवता का पथ त्याग रहा
पशुबल उभरा आतंक बढ़ा
इस विघटित विचलित जनमन उजड़ा
प्यासी वसुधा से कह दो हिन्दुत्व सुधा का करे पान॥
आओ हम॥१॥

इस हिन्दु सुधा के प्राशन से मिट जायें भेद विभेद सभी
जितने मत उतने ही पथ हैं हो नाम विविध पर सत्य वही
यह विश्व व्यापिनी संस्कृति है
जड़ चेतन जीव सभी शिव हैं
यह सत्य धर्म जब आहत हो जागे पुनरपि भारत महान।
आओ हम॥२॥

जागा भारत का वन गिरि जन जागे ऋषि मुनि जागे किसान।
जागे श्रमजीवी कर्म प्रवन जागा यौवन हो वर्ध्दमान
जागृत कण-कण जागृत हर क्षण
जागृत जन नेता धर्म प्रवण
इस जागरणी बेला में हो दिग्दिगंत से जय विजय गान।
आओ हम॥३॥

है संघ शक्ति की चाह यही भारत जग जननी पद पाये
हर जीवन सुखी निरामय हो विज्ञान ज्ञान रस बरसाये
अर्जित करने इस वैभव को
शत् शत् जीवन अर्पित माँ को
युग परिवर्तक हम बीरव्रती बदलेंगे अब सारा जहान
आओ हम॥४॥

gaurava maṁḍita apanā atīta hai bhaviṣya bhī ujjvala mahāna
āo hama badaleṁ vartamāna
āo hama badaleṁ vartamāna

paścima kā kaluṣa pravāha prabala saṁskṛti suraja ko grāsa rahā
mānava se mānava kā nātā mānavatā kā patha tyāga rahā
paśubala ubharā ātaṁka baṛhā
isa vighaṭita vicalita janamana ujaṛā
pyāsī vasudhā se kaha do hindutva sudhā kā kare pāna ||
āo hama ||1||

isa hindu sudhā ke prāśana se miṭa jāyeṁ bheda vibheda sabhī
jitane mata utane hī patha haiṁ ho nāma vividha para satya vahī
yaha viśva vyāpinī saṁskṛti hai
jaṛa cetana jīva sabhī śiva haiṁ
yaha satya dharma jaba āhata ho jāge punarapi bhārata mahāna |
āo hama ||2||

jāgā bhārata kā vana giri jana jāge ṛaṣi muni jāge kisāna |
jāge śramajīvī karma pravana jāgā yauvana ho vardhdamāna
jāgṛta kaṇa-kaṇa jāgṛta hara kṣaṇa
jāgṛta jana netā dharma pravaṇa
isa jāgaraṇī belā meṁ ho digdigaṁta se jaya vijaya gāna |
āo hama ||3||

hai saṁgha śakti kī cāha yahī bhārata jaga jananī pada pāye
hara jīvana sukhī nirāmaya ho vijñāna jñāna rasa barasāye
arjita karane isa vaibhava ko
śat śat jīvana arpita mā ko
yuga parivartaka hama bīravratī badaleṁge aba sārā jahāna
āo hama ||4||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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