गुरु वंद्य महान
भगवा एक ही जीवन प्राण
अर्पित कोटि-कोटि प्रणाम

शोषित वर्णों में अंकिंत है सारे उज्ज्वल त्याग
व्याप्त किया है दिव्य -दृष्टि से अखंड भारत भाग
लखकर तडपन देश-भक्ति की भडके भीतर आग
कटिबध्द खडे तव छाया में हम भारत-भू-संतान॥१॥

शौर्य वीर्य के जग में गूंजा स्फूर्तिप्रद इतिहास
देखे निज नेत्रों से भीषण असंख्य रण्-संग्राम
देह -दण्ड अरु कष्ट हुए पर करते निज बलिदान
बलिदान नहीं वह पूजन केवल रखने को सम्मान॥२॥

ऋषि तपस्वी महामुनी का संतों का अभिमान
आदि काल से तुमने पाया अग्रपुजा का मान
महा-सुभागी देखोगे अब भावी वैभव-काल
बने यशस्वी यही सुमंगल दे दो शुभ वरदान॥३॥

शुध्द शीलता चरित्रता की पवित्रता की खान
अभय वीरता शौर्य-धीरता संयम शांन्ति निधान
सदभावों से माना हसने पुज्य गुरु भगवान
अतीव पावन तव प्रति अर्पण स्वदेश हित यह प्राण॥४॥

guru vaṁdya mahāna
bhagavā eka hī jīvana prāṇa
arpita koṭi-koṭi praṇāma

śoṣita varṇoṁ meṁ aṁkiṁta hai sāre ujjvala tyāga
vyāpta kiyā hai divya -dṛṣṭi se akhaṁḍa bhārata bhāga
lakhakara taḍapana deśa-bhakti kī bhaḍake bhītara āga
kaṭibadhda khaḍe tava chāyā meṁ hama bhārata-bhū-saṁtāna ||1||

śaurya vīrya ke jaga meṁ gūṁjā sphūrtiprada itihāsa
dekhe nija netroṁ se bhīṣaṇa asaṁkhya raṇ-saṁgrāma
deha -daṇḍa aru kaṣṭa hue para karate nija balidāna
balidāna nahīṁ vaha pūjana kevala rakhane ko sammāna ||2||

ṛṣi tapasvī mahāmunī kā saṁtoṁ kā abhimāna
ādi kāla se tumane pāyā agrapujā kā māna
mahā-subhāgī dekhoge aba bhāvī vaibhava-kāla
bane yaśasvī yahī sumaṁgala de do śubha varadāna||3||

śudhda śīlatā caritratā kī pavitratā kī khāna
abhaya vīratā śaurya-dhīratā saṁyama śāṁnti nidhāna
sadabhāvoṁ se mānā hasane pujya guru bhagavāna
atīva pāvana tava prati arpaṇa svadeśa hita yaha prāṇa||4||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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