हमे फिरसे धरा पर ज्ञान की गंगा बहानी है
जगत विख्यात भारत के सुपुतों की कहानी है ॥धृ॥

विवेकानंद से जग ने नवल आध्यात्म पाया था
की सोया कर्म दर्शन रामतीरथ ने जगाया था
जला सकती न आग इन्हे डुबा सकता न पानी है ॥१॥

निशा मे उर्वशी को माँ कहे इस भूमी का अर्जुन
निरख-रमणी शिवा का मात्र भावोंसे भरा था मन
यही निष्ठा पुनः सबके चरित्रों मे जगानी है ॥२॥

हुई है धन्य जिनके त्याग से स्वातंत्र्य की बलवेदी
भगतसिंग और राणाजी की जिनके स्वर गगनभेदी
खुशी से प्राण देना शहीदों की निशानी है ॥३॥

hame phirase dharā para jñāna kī gaṁgā bahānī hai
jagata vikhyāta bhārata ke suputoṁ kī kahānī hai ||dhṛ||

vivekānaṁda se jaga ne navala ādhyātma pāyā thā
kī soyā karma darśana rāmatīratha ne jagāyā thā
jalā sakatī na āga inhe ḍubā sakatā na pānī hai ||1||

niśā me urvaśī ko mā kahe isa bhūmī kā arjuna
nirakha-ramaṇī śivā kā mātra bhāvoṁse bharā thā mana
yahī niṣṭhā punaḥ sabake caritroṁ me jagānī hai ||2||

huī hai dhanya jinake tyāga se svātaṁtrya kī balavedī
bhagatasiṁga aura rāṇājī kī jinake svara gaganabhedī
khuśīi se prāṇa denā śahīdoṁ kī niśānī hai ||3||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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