हमको अपने भारत की, माटी से अनुपम प्यार है ।
माटी से अनुपम प्यार है, माटी से अनुपम प्यार है ॥ध्रु॥

इस धरती पर जन्म लिया था, दशरथ-नंदन राम ने ।
इस धरती पर गीता गायी, यदुकुल-भूषण श्याम ने ।
इस धरती के आगे झुकता, मस्तक बारम्बार है ॥१॥

इस धरती की गौरव-गाथा, गायी राजस्थान ने ।
इसे पुनीत बनाया अपने, वीरों के बलिदान ने ।
मीरा के गीतों की इसमें, छिपी हुई झंकार है ॥२॥

कण-कण मंदिर इस माटी का, कण-कण में भगवान है ।
इस माटी से तिलक करो, यह अपना हिन्दुस्थान है ।
हर हिंदु का रोम-रोम, भारत का पहरेदार है ॥३॥

हमको अपने भारत की, माटी से अनुपम प्यार है ।
माटी से अनुपम प्यार है, माटी से अनुपम प्यार है ॥

hamako apane bhārata kī māṭī se anupama pyāra hai |
māṭī se anupama pyāra hai māṭī se anupama pyāra hai ||dhru||

isa dharatī para janma liyā thā daśaratha-naṁdana rāma ne |
isa dharatī para gītā gāyī yadukula-bhūṣaṇa śyāma ne |
isa dharatī ke āge jhukatā mastaka bārambāra hai ||1||

isa dharatī kī gaurava-gāthā gāyī rājasthāna ne |
ise punīta banāyā apane vīroṁ ke balidāna ne |
mīrā ke gītoṁ kī isameṁ chipī huī jhaṁkāra hai ||2||

kaṇa-kaṇa maṁdira isa māṭī kā kaṇa-kaṇa meṁ bhagavāna hai |
isa māṭī se tilaka karo yaha apanā hindusthāna hai |
hara hiṁdu kā roma-roma bhārata kā paharedāra hai ||3||

hamako apane bhārata kī māṭī se anupama pyāra hai |
māṭī se anupama pyāra hai māṭī se anupama pyāra hai ||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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