होनहार देश के कर्णधार देश के
देश की पुकार पर आज तुम बढे चलो ॥मातृ भूमि के लिये प्राण के जला दिये
तुम नइ बहार को खून का शृंगार दो
जोश यह घटे नहीं पांव अब हटे नही
पाथ स्वाभिमान का आज तुम बढे चलो ॥

मेदनी दहल उठे सिन्धु भी मचल उठे
तुम जिधर चरण धरो जीत का वरण करो
तुम जरा रुको नहीं तुम कहीं झुको नहीं
आज आसमान पर शान से बढे चलो ॥

देश के गुमान पर सुरमा महान तुम
तुम अमर सपूत हो आज क्रांति दूत हो
काल से कराल बन और बेमिसाल बन
त्याग की कहानियाँ आज तुम गढे चलो ॥

Transliteration:
honahāra deśa ke karṇadhāra deśa ke
deśa kī pukāra para āja tuma baḍhe calo ||

mātṛ bhūmi ke liye prāṇa ke jalā diye
tuma nai bahāra ko khūna kā śṛṁgāra do
jośa yaha ghate nahīṁ pāṁva aba hate nahī
pātha svābhimāna kā āja tuma baḍhe calo ||

medanī dahala uṭhe sindhu bhī macala uṭhe
tuma jidhara carana dharo jīta kā varana karo
tuma jarā ruko nahīṁ tuma kahīṁ jhuko nahīṁ
āja āsamāna para śāna se baḍhe calo ||

deśa ke gumāna para suramā mahāna tuma
tuma amara sapūta ho āja krāṁti doota ho
kāla se karāla bana aura bemisāla bana
tyāga kī kahāniyā āja tuma gaḍhe calo ||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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