जननी स्वर्गादपि गरीयसी जन्मभूमि कल्याणी जय हे।
वीर प्रसूता जननी जय हे।

षट-ऋतुओं से गान अलंकृत-भाल हिमालय रविसम शोभित।
हरितांचल धन धान्य भरा तव चरणों मे दिकपाल निवेदित॥

गौरव गाथा काल सुनाये रिध्दी-सिध्दि सुख चँवर डुलाए।
जग वन्दित जन-मन अभिनन्दित मातृभूमि वरदानी जय हे॥

तव सुत झंझा जग से तकराये जब-जब मेघ थे छाये।
शिथिल हुए सब झंझा जग के सब जगती को राह दिखाए॥

शक्ति विजय का शंख बजाये सांझ उठाये ध्वज फहराए।
प्रिय दर्शिनि मंगलावर्षिण हे कर्मभूमि अभिमानी जय हे॥

वर दे हम पलाश से फूले कालजयी हो लक्ष्य न भूलें।
इस तमसा जग को हम उस महाज्योति की ओर ले चलें॥

तेरी माटी से निर्मित तन चढ़ पाये तेरी वेदी पर।
शान्तिव्रता हे शुभ सुचिता हे पुन्य भूमि हिंदुआनी जय हे॥

jananī svargādapi garīyasī janmabhūmi kalyāṇī jaya he |
vīra prasūtā jananī jaya he |

ṣaṭa-ṛtuoṁ se gāna alaṁkṛta-bhāla himālaya ravisama śobhita |
haritāṁcala dhana dhānya bharā tava caraṇoṁ me dikapāla nivedita ||

gaurava gāthā kāla sunāye ridhdī-sidhdi sukha cavara ḍulāae |
jaga vandita jana-mana abhinandiata mātṛbhūmi varadānī jaya he||

tava suta jhaṁjhā jaga se takarāye jaba-jaba megha the chāye |
śithila hue saba jhaṁjhā jaga ke saba jagatī ko rāha dikhāe ||

śakti vijaya kā śaṁkha bajāye sāṁjha uṭhāye dhvaja phaharāe |
priya darśiani maṁgalāvarṣiṇa he karmabhūmi abhimānī jaya he ||

vara de hama palāśa se phūle kālajayī ho lakṣya na bhūleṁ |
isa tamasā jaga ko hama usa mahājyoti kī ora le caleṁ ||

terī māṭī se nirmita tana caṛha pāye terī vedī para |
śāntivratā he śubha sucitā he punya bhūmi hiṁduānī jaya he ||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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