जिसने मरना सीखा लिया है जीने का अधिकार उसी को।
जो काँटों के पथ पर आया फूलों का उपहार उसी को॥

जिसने गीत सजाये अपने
तलवारों के झन-झन स्वर पर
जिसने विप्लव राग अलापे
रिमझिम गोली के वर्षण पर
जो बलिदानों का प्रेमी है जगती का प्यार उसी को॥१॥

हँस-हँस कर इक मस्ती लेकर
जिसने सीखा है बलि होना
अपनी पीड़ा पर मुस्काना
औरों के कष्टों पर रोना
जिसने सहना सीख लिया है संकट है त्यौहार उसी को॥२॥

दुर्गमता लख बीहड़ पथ की
जो न कभी भी रुका कहीं पर
अनगिनती आघात सहे पर
जो न कभी भी झुका कहीं पर
झुका रहा है मस्तक अपना यह सारा संसार उसी को॥३॥

jisane maranā sīkhā liyā hai jīne kā adhikāra usī ko |
jo kāṭoṁ ke patha para āyā phūloṁ kā upahāra usī ko ||

jisane gīta sajāye apane
talavāroṁ ke jhana-jhana svara para
jisane viplava rāga alāpe
rimajhima golī ke varṣaṇa para
jo balidānoṁ kā premī hai jagatī kā pyāra usī ko ||1||

hasa-hasa kara ika mastī lekara
jisane sīkhā hai bali honā
apanī pīṛā para muskānā
auroṁ ke kaṣṭoṁ para ronā
jisane sahanā sīkha liyā hai saṁkaṭa hai tyauhāra usī ko ||2||

durgamatā lakha bīhaṛa patha kī
jo na kabhī bhī rukā kahīṁ para
anaginatī āghāta sahe para
jo na kabhī bhī jhukā kahīṁ para
jhukā rahā hai mastaka apanā yaha sārā saṁsāra usī ko ||3||

मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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One thought on “Jisane Marana Sikh Liya Hai-जिसने मरना सीखा लिया है”

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