कदम निरन्तर चलते जिनके, श्रम जिनका अविराम है।
विजय सुनिश्चित होती उनकी, घोषित यह परिणाम् है॥

लौकिक और अलौकिक बन्धन, जिनको बांध नहीं पाते।
घिरें विघ्न बाधाएं फिर भी, तनिक नही वे घबराते।
मान चुनौती करें सामना, यह जीवन संग्राम हैं॥

साहस सम्बल होता जिनका, धैर्य सारथि होता है।
लोकहितैषी बनकर अपने, प्राणों को भी खोता है।
इतिहास सदा लिखता पृष्ठों पर, उनका स्वर्णिम नाम है॥

कालचक्र के माथे पर जो पौरुष की भाषा लिखते।
उनकी मृत्यु कभी नही होती, वे केवल करते दिखते।
मातृभूमि की पावन गीता, गाते आठों याम है॥

kadama nirantara calate jinake srama jinaka avirama hai |
vijaya suniscita hoti unaki ghosita yaha parinam hai ||

laukika aura alaukika bandhana jinako ba dha nahi pate |
ghire vighna badhae phira bhi tanika nahi ve ghabarate |
mana cunauti kare samana yaha jivana sa grama hai ||

sahasa sambala hota jinaka dhairya sarathi hota hai |
lokahitaisi banakara apane prano ko bhi khota hai |
itihasa sada likhata p rshtho para unaka svarnima nama hai ||

kalacakra ke mathe para jo paurusa ki bhasaa likhate |
unaki m tyu kabhi nahi hoti ve kevala karate dikhate |
mat bhumi ki pavana gita gate a ho yama hai ||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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