कर रहा हिमवान फिर आह्वान
भारत जाग रे भारत जाग रे॥

पाप का दिनकर उदय है हो रहा
धर्म अपनी अस्मिता है खो रहा
आज छल ने रुप भीषण है धरा
सत्य आँचल में छुपा है रो रहा
सो गई है आन चुप अभिमान।
भारत जाग रे भारत जाग रे॥१॥

जाग फिर से धर्म को बलवान कर
सत्य की रख लाज फिर अभियान कर
आज छल की जीत युग यह कह रहा
मातृ-रक्षण हेतु उठ बलिदान कर
फिर बनो दृढ़वान लेकर आन।
भारत जाग रे भारत जाग रे॥२॥

आज अर्जुन भीम का अवतार बन
प्रलय -रुपी काल का श्रंगार बन
आज करवट ले रहा है हिम-शिखर
शत्रु-मर्दन हेतु तू अंगार बन
आज बन भगवान ले वरदान।
भारत जाग रे भारत जाग रे॥३॥

kara rahā himavāna phira āhvāna
bhārata jāga re bhārata jāga re ||

pāpa kā dinakara udaya hai ho rahā
dharma apanī asmitā hai kho rahā
āja chala ne rupa bhīṣaṇa hai dharā
satya ācala meṁ chupā hai ro rahā
so gaī hai āna cupa abhimāna |
bhārata jāga re bhārata jāga re ||1||

jāga phira se dharma ko balavāna kara
satya kī rakha lāja phira abhiyāna kara
āja chala kī jīta yuga yaha kaha rahā
mātṛ-rakṣaṇa hetu uṭha balidāna kara
phira bano dṛṛhavāna lekara āna |
bhārata jāga re bhārata jāga re ||2||

āja arjuna bhīma kā avatāra bana
pralaya -rupī kāla kā śraṁgāra bana
āja karavaṭa le rahā hai hima-śikhara
śatru-mardana hetu tū aṁgāra bana
āja bana bhagavāna le varadāna |
bhārata jāga re bhārata jāga re ||3||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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