कर्म पथ पर चल तरुण मन॥
कर्म पथ की कामना ले
कर्म पथ पर चल तरुण मन।
संगठन की साधना में
प्राण अर्पित और तन मन॥

पतित पावन राम ने थे
गिरि अरण्य महान चूमे
छोड़कर माया अवध की
ऋषि जनों के पाँव चूमे।
दीन दुखियों पर दया के
अश्रु कण छलके वरुण बन॥१॥

भक्ति का ध्रुव भाव लेकर
बढ़ चलो तुम ध्येय पथ पर
पवन सुत की शक्ति लेकर
बढ़ चलो तुम गेय बनकर
फिर उदधि इठला रहा है
आज राघव के नयन बन॥२॥

दूट विद्युत से पड़ो तुम
राक्षसों की वृत्तियों पर
गिर पड़ो तुम आज फिर से
वज बन आपत्तियों पर
पाश नागों के चले हैं
काट डालो तुम गरुड़ बन॥३॥

देश प्रेम महान भूले
स्वार्थ सागर बढ़ रहा है
भूल सेवा भाव मानव
द्रव्य वैभव गढ़ रहा है
घिर रही है घोर रजनी
कालिमा काटो अरुण बन॥४॥

karma patha para cala taruṇa mana ||
karma patha kī kāmanā le
karma patha para cala taruṇa mana |
saṁgaṭhana kī sādhanā meṁ
prāṇa arpita aura tana mana ||

patita pāvana rāma ne the
giri araṇya mahāna cūme
choṛakara māyā avadha kī
ṛaṣi janoṁ ke pāva cūme |
dīna dukhiyoṁ para dayā ke
aśru kaṇa chalake varuṇa bana ||1||

bhakti kā dhruva bhāva lekara
baṛha calo tuma dhyeya patha para
pavana suta kī śakti lekara
baṛha calo tuma geya banakara
phira udadhi iṭhalā rahā hai
āja rāghava ke nayana bana ||2||

dūṭa vidyuta se paṛo tuma
rākṣasoṁ kī vṛttiyoṁ para
gira paṛo tuma āja phira se
vaja bana āpattiyoṁ para
pāśa nāgoṁ ke cale haiṁ
kāṭa ḍālo tuma garuṛa bana||3||

deśa prema mahāna bhūle
svārtha sāgara baṛha rahā hai
bhūla sevā bhāva mānava
dravya vaibhava gaṛha rahā hai
ghira rahī hai ghora rajanī
kālimā kāṭo aruṇa bana ||4||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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