माता ने हमें पुकारा है
जन्म-मरण क्षण-क्षण जीवन
लौकिक उत्कर्ष परम साधन
पुत्रों का एक सहारा है –
उस माँ ने हमें पुकारा है माता ने हमें पुकारा है॥

जिसका गायन सुनते आये
गंगा सागर की लहरों में
मारुति के शीतल झोंको में
उषा के मुखरित प्रहरों में
उस ही की आर्त्त पुकार लि चीखी लोहित की धारा है।
जननी ने हमे पुकारा है माता ने हमें पुकारा है।

हमने है आज पुकार सुनी
नाड़ी में एक हिलोर उठी
गंगोत्री से रामेश्वर तक
भावों की आँधी घोर उठी
गूँजा घर-घर जयकारा है यह भारतवर्ष हमारा है
हिमगिरि ने आज पुकारा है माता ने हमें

राघव का शर संधान लिये
शिव दुर्गा का वरदान लिये
हम कार्तिकेय की आन लिये
विजय पुरखों का मान लिये
युग-युग से गर्व भरे उध्दत अरियों का शीश उतारा है
फिर माँ ने हमें पुकारा है जननी ने हमें

गौरव अतीत के रक्षक हम
हम वर्तमान के प्रहरी है
भावी का स्वर्ण विहान लिये
धरती के स्वप्न सुनहरे हैं
हम केशव की रश्मि प्रखर हारा जग का अंधियारा है
प्राची ने हमें पुकारा है जननी ने हमें

mātā ne hameṁ pukārā hai
janma-maraṇa kṣaṇa-kṣaṇa jīvana
laukika utkarṣa parama sādhana
putroṁ kā eka sahārā hai –
usa mā ne hameṁ pukārā hai mātā ne hameṁ pukārā hai ||

jisakā gāyana sunate āye
gaṁgā sāgara kī laharoṁ meṁ
māruti ke śītala jhoṁko meṁ
uṣā ke mukharita praharoṁ meṁ
usa hī kī ārtta pukāra lie cīkhī lohita kī dhārā hai |
jananī ne hame pukārā hai mātā ne hameṁ pukārā hai |

hamane hai āja pukāra sunī
nāṛī meṁ eka hilora uṭhī
gaṁgotrī se rāmeśvara taka
bhāvoṁ kī ādhī ghora uṭhī
gūjā ghara-ghara jayakārā hai yaha bhāratavarṣa hamārā hai

himagiri ne āja pukārā hai mātā ne hameṁ
rāghava kā śara saṁdhāna liye
śiva durgā kā varadāna liye
hama kārtikeya kī āna liye
vijaya purakhoṁ kā māna liye
yuga-yuga se garva bhare udhdata ariyoṁ kā śīśa utārā hai
phira mā ne hameṁ pukārā hai jananī ne hameṁ

gaurava atīta ke rakṣaka hama
hama vartamāna ke praharī hai
bhāvī kā svarṇa vihāna liye
dharatī ke svapna sunahare haiṁ
hama keśava kī raśmi prakhara hārā jaga kā aṁdhiyārā hai
prācī ne hameṁ pukārā hai jananī ne hameṁ

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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