मातृभूमि गान से गूँजता रहे गगन
स्नेह नीर से सदा फूलते रहें सुमन।

जन्म सिध्द भावना स्वदेश का विचार हो
रोम -रोम में रमा स्वधर्म संस्कार हो
आरती उतारते प्राण दीप हो मगन
स्नेह नीर…

हार के सुसूत्र में मोतियों की पंक्तियाँ
ग्राम नगर प्रान्त से संग्रहीत शक्तियाँ
लक्ष-लक्ष रुप से राष्ट्र हो विराट तन॥
स्नेह नीर…

ऐक्य शक्ति देश की प्रगति में समर्थ हो
धर्म आसरा लिये मोक्ष काम अर्थ हो
पुण्य भूमि आज फिर ज्ञान का बने सदन
स्नेह नीर…

mātṛbhūmi gāna se gūjatā rahe gagana
sneha nīra se sadā phūlate raheṁ sumana |

janma sidhda bhāvanā svadeśa kā vicāra ho
roma -roma meṁ ramā svadharma saṁskāra ho
āratī utārate prāṇa dīpa ho magana
sneha nīra…

hāra ke susūtra meṁ motiyoṁ kī paṁktiyā
grāma nagara prānta se saṁgrahīta śaktiyā
lakṣa-lakṣa rupa se rāṣṭra ho virāṭa tana ||
sneha nīra…

aikya śakti deśa kī pragati meṁ samartha ho
dharma āsarā liye mokṣa kāma artha ho
puṇya bhūmi āja phira jñāna kā bane sadana
sneha nīra….

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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