णमोकार मंत्र भजले,
जिनवाणी उर में धरले,
यह तन मिला कठिन है,
मन सावधान करले,
णमोकार मंत्र भजले।।

अरिहंत की जो शरणा,
फिर क्या किसी से डरना,
सिद्धों का जाप कर ले,
संसार ताप हरले,
आचार्य, उपाध्याय,
इनको प्रणाम करले,
णमोकार मंत्र भजले।।

महावीर की निशानी,
साधु की सुन ले वाणी,
तत्वों का करले चिंतन,
निज आत्मा का मंथन,
जिनमार्ग पे चलाचल,
सत्मार्ग पे चलाचल,
फिर मोक्ष पद अमर ले,
णमोकार मंत्र भजले।।

णमोकार मंत्र भजले,
जिनवाणी उर में धरले,
यह तन मिला कठिन है,
मन सावधान करले,
णमोकार मंत्र भजले।।

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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