Bhajan

Durge Durghat Bhari, Durga Devi Aarti / दुर्गे दुर्घट भारी तुजविण संसारी, दुर्गा देवी आरती

दुर्गे दुर्घट भारी तुजविण संसारी। अनाथ नाथे अम्बे करुणा विस्तारी। वारी वारी जन्म मरणांते वारी। हारी पडलो आता संकट निवारी॥...