Shiv Bhajan

Tera Roop Hai Prachand Lyrics, तेरा रूप है प्रचंड तू ही आरंभ तू ही अंत लिरिक्स

दोहा – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् | उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् || गले में जिसके नाग , सर पे गंगे...