धरती से सीखा है हमने
सबका बोझ उठाना
और गगन से सीखा हमने
ऊपर उठते जाना

सूरज की लाली से सीखा
जग आलोकित करना
चंदा की किरणों से सीखा
सबकी पीड़ा हरना

पर्वत से सीखा है हमने
दृढ़ संकाल्प बनाना
और नदी से सीखा हमने
आगे बढ़ते जाना

सागर की लहरों से सीखा
सुख दुख को सह जाना
तूफानों ने यह सिखलाया
आफत से टकराना

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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