बिल्ली मौसी चलीं बनारस
लेकर झोला डंडा
गंगा तट पर मिला उसे तब
मोटा चूहा पंडा

चूहा बोला बिल्ली मौसी
चलो करा दूँ पूजा
मुझ सा पंडा यहाँ घाट पर
नहीं मिलेगा दूजा

बिल्ली बोली ओ पंडा जी
भूख लगी है भारी
पूजा नहीं, पेट पूजा की
करो तुरत तैयारी

समझा चूहा बिल्ली मौसी
का जो पंगा जी में
टीका–चंदन छोड़ घाट पर
कूदा गंगा जी में

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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