अवघे गरजे पंढरपूर, चालला नामाचा गजर || धृ ||

टाळ घोष कानी येती, ध्यानी विठ्ठलाची मूर्ती
पांडुरंगी जाहलों हो, चंद्रभागा तीर, चालला नामाचा गजर || १ ||

इडापिडा टळुनी जाती, देहाला या लाभे मुक्ती
नामरंगी रंगलो हो, संतांचे माहेर, चालला नामाचा गजर || २ ||

देव दिसे ठाई ठाई, भक्तलीन भक्तापाई
सुखालाही आला या हो, आनंदाचा पूर, चालला नामाचा गजर || ३ ||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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