जैन धर्म हमे,
प्राणों से भी प्यारा है,
धर्मो में ये धर्म,
बड़ा ही न्यारा है,
अहिंसावादी, है ये पंथ हमारे,
जहाँ प्रेम की गंगा बहे,
जिनशासन मिला रे,
भाग्य हमारा खिला रे।।

तर्ज – हारे हारे हारे।

तारणहार , मिले तीर्थंकर,
जंगम तीर्थ ,मिले है स्थावर,
श्रमण वेश को धारण किये जो,
उपकारी ये मिले है गुरुवर,
आओ भाव से, करले वंदना,
जिनशासन मिला रे,
भाग्य हमारा खिला रे।।

दया दान और, क्षमापना,
जैनो के दिल मे ये भावना,
हो प्राणियों में, सद्दभावना,
‘दिलबर’ की है ये कामना,
जैन धर्म को करले हम नमन,
जिनशासन मिला रे,
भाग्य हमारा खिला रे।।

जैन धर्म हमे,
प्राणों से भी प्यारा है,
धर्मो में ये धर्म,
बड़ा ही न्यारा है,
अहिंसावादी, है ये पंथ हमारे,
जहाँ प्रेम की गंगा बहे,
जिनशासन मिला रे,
भाग्य हमारा खिला रे।।

, , , , , , , , , , , ,

मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

🙏 सकारात्मक जानकारी को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें 👇

Leave a Reply