केशव तुम्हें प्रणाम।

यज्ञ हित समिधा तुम्हारी
प्रेरणा उद्बोधकारी
त्याग तप की वहिन धधकी
स्वार्थ-तम को नष्ट करती
ज्योति फैली अति ललाम ॥१॥

यज्ञ के होता तुम्ही थे
प्रथम आहुति तुम्ही बने थे
वज्र-सी काया मिटाकर
अमर होकर अजर बनकर
पथ किया आलोकवान ॥२॥

पहिचाना तुमने माता को
उसके भटके प्रियपुत्रों को
नहीं चुकाया केवल तुमने
ॠण अपना पर उन्हें जताया ॥३॥

English Transliteration:
keśava tumheṁ praṇāma |

yajña hita samidhā tumhārī
preraṇā udbodhakārī
tyāga tapa kī vahina dhadhakī
svārtha-tama ko naṣṭa karatī
jyoti phailī ati lalāma ||1||

yajña ke hotā tumhī the
prathama āhuti tumhī bane the
vajra-sī kāyā miṭākara
amara hokara ajara banakara
patha kiyā ālokavāna ||2||

pahicānā tumane mātā ko
usake bhaṭake priyaputroṁ ko
nahīṁ cukāyā kevala tumane
ṝṇa apanā para unheṁ jatāyā ||3||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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