वंदे मातरम्‌

वंदे मातरम्‌।

वंदे मातरम्‌ ।
सुजलां सुफलां
मलयजशीतलाम्‌
सस्यश्यामलां मातरम्‌
वंदे मातरम्‌।
शुभ्रज्योत्‍स्‍नापुलकितयामिनीं
फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं
सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं
सुखदां वरदां मातरम्‌
वंदे मातरम्‌।
सप्त कोटि कण्ठ कलकल निनाद कराले,
निसप्त कोटि भुजैधृत खरकरवाले,
अबला केन मा एत बले
बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीं
रिपुदलवारिणीं मातरम्‌
वंदे मातरम्‌।
तुमि विद्या, तुमि धर्म
तुमि हृदि, तुमि मर्म
त्वं हि प्राणाः शरीरे
बाहुते तुमि मा शक्ति
हृदये तुमि मा भक्ति
तोमारई प्रतिमा गडि मन्दिरे-मन्दिरे मातरम्‌
वंदे मातरम्‌।
त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी
कमला कमलदलविहारिणी
वाणी विद्यादायिनी, नामामि त्वाम्‌
कमलां अमलां अतुलां सुजलां सुफलां मातरम्‌
वंदे मातरम्‌।
श्यामलां सरलां सुस्मितां भूषितां
धरणीं भरणीं मातरम्‌
वंदे मातरम्‌। वंदे मातरम्‌।

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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