जिंदगी सारी कटी
करते करते इंतजार
सिर्फ अब बढती उम्र मेँ
इंतजार का एहसास ज्यादा है।

इंतजार पहले भी था पर
जवानी की उमंगों में
वह कुछ छिप जाता था
ज्यादा नजर नहीँ आता था
पर अब छुपने वाला पर्दा
गायब हो चुका है
और अब घूरता है हमेँ
शुबह शाम
हर पल
लगातार
इंतजार।

इच्छा है तो इंतजार है
इंतजार खत्म तो
शांत जीवन
पल पल इन्तेजार मुक्त जीवन।

मैँ अक्सर मन से पूछता हूँ
किस चीज की इच्छा करता है
पर वह साफ़ नकार देता है
पर सच तो यह है कि
वह छिपता है
बताने मेँ शर्माता है
सच तो यह है कि इच्छाएं हैं अभी भी
ढेर सारी
और इसी लिये इंतजार भी है।

मैं मन से कहता हूं
सुन, अब जीवन बाकी है एक आध दशक
क्या करना इच्छाएं पाल के
अब तो विदाई ही सोच
बांध सामान
वह हां में हां मिलाता है
पर फिर भी छुप छुप कर
पालता ही जाता है
इच्छाएं हजार
और मेरे पल्ले पड़ता है
इंतजार
सिर्फ इंतजार।

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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