मुन्ने के सपने में आया
लाल बेबी हाथी
बहुत बहुत उसके मन भाया
लाल बेबी हाथी

तीजे तल्ले पर रहता था
कैसे चढ़ कर आया
पूछा कई बार मुन्ने ने
उसने नहीं बताया

खेला कूदा नाचा गाया
लाल बेबी हाथी
ठुमक ठुमक कर दिल बहलाया
लाल बेबी हाथी

पीठ चढ़ा फिर मुन्ना उसकी
वह था उसका साथी

उड़ने लगा तभी फर फर कर
आसमान में हाथी

उड़ता था वो नील गगन में
लाल बेबी हाथी
चांद सितारों के आंगन में
लाल बेबी हाथी

मुन्ने को तो मजा आ गया
आसमान में उड़ कर
कुछ क़ुछ उसको डर लगता था
गिर ना पड़े फिसल कर

सुबह हुई मम्मी ने आकर
मुन्ने को सहलाया
उठ जा बेटा सुबह हो गई
गोदी में बिठलाया

कहां गया मुन्ने ने पूछा
लाल बेबी हाथी
कब फिर से मिलने आएगा
लाल बेबी हाथी

, , , , , , ,

मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

🙏 सकारात्मक जानकारी को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें 👇

Leave a Reply