आज प्राण के दीप जलेंगे।

अनुशासन का स्नेह देह की
होगी अचल अकम्पित बाती
अर्पण कर देंगे स्वदेश को
हम अपने जीवन की थाती
बलिदानों के इस प्रकाश में फिर स्वदेश के भाग्य जगेंगे॥१॥

अमा निशा का तिमिर चीर कर
उतर रही है किरण धरा पर
वह अपने अतीत वैभव की
अमर-कीर्ति दूतिका मनोहर
जन-जन के मानस में उसके पंकज चरण प्रकाश खिलेंगें॥२॥

संघर्षो के शिविर पार कर
तैर रक्त के सिन्धु निरन्तर
महाकाल से भी लेंगे हम
अपने सब अधिकार छीनकर
राष्ट्र-धर्म की इस ध्रुव धृति में हमें ध्येय देवता मिलेंगे॥३॥

अबलाओं का रुदन श्रवण कर
टूक-टूक होती है छाती
वधिर हो रहे कान देख यह
सहनशीलता है शरमाती
अपने दुर्मद रण प्रयास से अब भूधर के ह्रदय हिलेंगे॥४॥

āja prāṇa ke dīpa jaleṁge |

anuśāsana kā sneha deha kī
hogī acala akampita bātī
arpaṇa kara deṁge svadeśa ko
hama apane jīvana kī thātī
balidānoṁ ke isa prakāśa meṁ phira svadeśa ke bhāgya jageṁge ||1||

amā niśā kā timira cīra kara
utara rahī hai kiraṇa dharā para
vaha apane atīta vaibhava kī
amara-kīrti dūtikā manohara
jana-jana ke mānasa meṁ usake paṁkaja caraṇa prakāśa khileṁgeṁ ||2||

saṁgharṣo ke śivira pāra kara
taira rakta ke sindhu nirantara
mahākāla se bhī leṁge hama
apane saba adhikāra chīnakara
rāṣṭra-dharma kī isa dhruva dhṛti meṁ hameṁ dhyeya devatā mileṁge ||3||

abalāoṁ kā rudana śravaṇa kara
ṭūka-ṭūka hotī hai chātī
vadhira ho rahe kāna dekha yaha
sahanaśīlatā hai śaramātī
apane durmada raṇa prayāsa se aba bhūdhara ke hradaya hileṁge ||4||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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