अगर हम नही देश के काम आए
धरा क्या कहेगी गगन क्या कहेगा ॥

चलो श्रम करे आज खुद को सँवारें
युगों से चढी जो खुमारी उतारें
अगर वक्त पर हम नहीं जाग पाएं
सुभा क्या कहेगी पवन क्या कहेगा ॥

अधुर गन्ध का अर्थ है खूब महके
पडे संकटों की भले मार सहके
अगर हम नहीं पुष्प सा मुस्कुराएं
लता क्या कहेगी चमन क्या कहेगा ॥

बहुत हो चुका स्वर्ग भू पर उतारें
करें कुछ नया स्वस्थ सोचें विचारें
अगर हम नहीं ज्योति बन झिलमिलाएं
निशा क्या कहेगी भुवन क्या कहेगा ॥

English Transliteration:
agara hama nahī deśa ke kāma āe
dharā kyā kahegī gagana kyā kahegā ||

calo śrama kare āja khuda ko savāreṁ
yugoṁ se caḍhī jo khumārī utāreṁ
agara vakta para hama nahīṁ jāga pāeṁ
subhā kyā kahegī pavana kyā kahegā ||

adhura gandha kā artha hai khūba mahake
paḍe saṁkaṭoṁ kī bhale māra sahake
agara hama nahīṁ puṣpa sā muskurāeṁ
latā kyā kahegī camana kyā kahegā ||

bahuta ho cukā svarga bhū para utāreṁ
kareṁ kucha nayā svastha soceṁ vicāreṁ
agara hama nahīṁ jyoti bana jhilamilāeṁ
niśā kyā kahegī bhuvana kyā kahegā ||

, , , , , , , , , , , ,

मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

🙏 सकारात्मक जानकारी को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें 👇

Leave a Reply