अरुणोदय हो चुका वीर अब कर्म-क्षेत्र में जुट जायें।
अपने खून पसीने द्वारा नवयुग धरती पर लायें॥

आज पुनः दानव बल नंगा धीरज को ललकार रहा ।
और उधर सीमा पर तक्षक फन फैला फुँकार रहा॥
असह दुराग्रह दुर्योधन का कुरुक्षेत्र व्रत अपनाये ॥१॥

सभी दिशाओं में सद्‌गुण की विमल ज्योति फैलानी है।
ग्राम नगर वन पर्वत ऊपर अरुण ध्वजा फहरानी है ॥
सागर लहरों पर विवेक सा भारत का यश लहरायें ॥२॥

केशव की किरणों ने अब तक लाखों सुमन खिलाये हैं।
माधव के वासन्तिक झोंके कली खिलाते आये हैं॥
मधुकर की इस फुलवारी में अनुपम वैभव विकसायें ॥३॥

अब तक अगणित बाधाओं में हमने मार्ग बनाया है।
कालकूट का पान किया है सेवाऽमृत छलकाया है॥
भरत भूमि के पग-पग पर फिर नूतन गंगा उमगायें ॥४॥

English Transliteration:
aruṇodaya ho cukā vīra aba karma-kṣetra meṁ juṭa jāyeṁ |
apane khūna pasīne dvārā navayuga dharatī para lāyeṁ ||

āja punaḥ dānava bala naṁgā dhīraja ko lalakāra rahā |
aura udhara sīmā para takṣaka phana phailā phukāra rahā ||
asaha durāgraha duryodhana kā kurukṣetra vrata apanāye ||1||

sabhī diśāoṁ meṁ sadguṇa kī vimala jyoti phailānī hai |
grāma nagara vana parvata ūpara aruṇa dhvajā phaharānī hai ||
sāgara laharoṁ para viveka sā bhārata kā yaśa laharāyeṁ ||2||

keśava kī kiraṇoṁ ne aba taka lākhoṁ sumana khilāye haiṁ |
mādhava ke vāsantika jhoṁke kalī khilāte āye haiṁ ||
madhukara kī isa phulavārī meṁ anupama vaibhava vikasāyeṁ ||3||

aba taka agaṇita bādhāoṁ meṁ hamane mārga banāyā hai |
kālakūṭa kā pāna kiyā hai sevā’mṛta chalakāyā hai ||
bharata bhūmi ke paga-paga para phira nūtana gaṁgā umagāyeṁ ||4||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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