बढ़ रहे हैं चरण अगणित
राष्ट्र यह गतिमान होगा।
सिन्धु से हिम शैल तक फिर
राष्ट्र यह छविमान होगा॥ध्रु०॥

चिर पुरातन राष्ट्र अपना
ब्रह्मा हैं अवतार लेते।
जन्म ले किन्नर मनुज
सुर स्वयं को हैं तार लेते।
विश्व गुरु फिर बन न पाये
राष्ट्र यह अपमान होगा॥१॥

पूज्य केशव की तपस्या
युग पुरुष का ध्येय चिन्तन
कर रहा आहवान है
कर आज मधुकर सिंह गर्जन।
देव दुर्लभ संघ है
कहता तिमिर अवसान होगा॥२॥

सैकड़ों शाखा प्रशाखा
संचलन का गान अनुपम
विजिगिषा की भावनाएँ
तोड़ती सब भेद विभ्रम।
कोटि युवकों का अडिग व्रत
राष्ट्र यह बलवान होगा॥३॥

विस्मरण के सिन्धु में
जो डूबते है बन्धु अपने
स्नेह समता बंधुता से
लें बिठा हम पास अपने।
बाल रवि प्रगटा क्षितिज में
राष्ट्र यह दिनमान होगा॥४॥

baṛha rahe haiṁ caraṇa agaṇita
rāṣṭra yaha gatimāna hogā |
sindhu se hima śaila taka phira
rāṣṭra yaha chavimāna hogā ||dhru0||

cira purātana rāṣṭra apanā
brahmā haiṁ avatāra lete |
janma le kinnara manuja
sura svayaṁ ko haiṁ tāra lete |
viśva guru phira bana na pāye
rāṣṭra yaha apamāna hogā ||1||

siṁdhu se
pūjya keśava kī tapasyā
yuga puruṣa kā dhyeya cintana
kara rahā āhavāna hai
kara āja madhukara siṁha garjana |
deva durlabha saṁgha hai
kahatā timira avasāna hogā ||2||

siṁdhu se
saikaṛoṁ śākhā praśākhā
saṁcalana kā gāna anupama
vijigiṣā kī bhāvanāe
toṛatī saba bheda vibhrama |
koṭi yuvakoṁ kā aḍiga vrata
rāṣṭra yaha balavāna hogā ||3||

siṁdhu se
vismaraṇa ke sindhu meṁ
jo ḍūbate hai bandhu apane
sneha samatā baṁdhutā se
leṁ biṭhā hama pāsa apane |
bāla ravi pragaṭā kṣitija meṁ
rāṣṭra yaha dinamāna hogā ||4||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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