बन्धनकारी पाश नहीं यह
अरे मुक्ति का बंधन यह॥

इससे गूँथे कोटि सुमन हैं
जोड़े अगणित मानव मन है
इसका एक मन्त्र पावन है
इनमें स्वर भी मन -भावन है
रक्षा का लघु सूत्र बन्धुता का है मूक।
भाव का है बन्धन यह॥

अन्तर में अनुराग बढ़ाता
प्राणों में प्रेरणा जगाता
आत्मयज्ञ का ज्वलित अग्निकण
राष्ट्र धर्म की सेवा का प्रण
है स्वराज्य के सीमा -रक्षण का।
संवर्ध्दन का है साधन यह॥

ब्रह्म ज्ञान का यह तेज प्रखर है
क्षात्र शक्ति की जय का वर है
शास्त्र-शास्त्र का इसमें ग्रन्थन
प्रबल ह्रदय का सागर मन्थन
कोटि भुजाओं ने धारण कर
किया जननी का आराधन यह॥

इसे पुजारी ने पहना है
व्रती सैनिकों का गहना है
अभय भाव से इसमें बंधकर
करें ध्वनित जननी का जय स्वर
विजय लिखी जिनके ललाट में
है उन नर वीरों का धन यह॥

bandhanakārī pāśa nahīṁ yaha
are mukti kā baṁdhana yaha ||
isase gūthe koṭi sumana haiṁ
joṛe agaṇita mānava mana hai
isakā eka mantra pāvana hai
inameṁ svara bhī mana -bhāvana hai
rakṣā kā laghu sūtra bandhutā kā hai mūka |
bhāva kā hai bandhana yaha ||
antara meṁ anurāga baṛhātā
prāṇoṁ meṁ preraṇā jagātā
ātmayajña kā jvalita agnikaṇa
rāṣṭra dharma kī sevā kā praṇa
hai svarājya ke sīmā -rakṣaṇa kā |
saṁvardhdana kā hai sādhana yaha ||
brahma jñāna kā yaha teja prakhara hai
kṣātra śakti kī jaya kā vara hai
śāstra-śāstra kā isameṁ granthana
prabala hradaya kā sāgara manthana
koṭi bhujāoṁ ne dhāraṇa kara
kiyā jananī kā ārādhana yaha ||
ise pujārī ne pahanā hai
vratī sainikoṁ kā gahanā hai
abhaya bhāva se isameṁ baṁdhakara
kareṁ dhvanita jananī kā jaya svara
vijaya likhī jinake lalāṭa meṁ
hai una nara vīroṁ kā dhana yaha ||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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