बरसा दाता सुख बरसा,
आँगन आँगन सुख बरसा,
चुन चुन कांटे नफरत के,
प्यार अमन के फूल खिला।bd।

तर्ज – तेरा मेरा प्यार अमर।

तन से कोई है दुखी,
मन से कोई है दुखी,
हे प्रभु दया करो,
सारा जहान हो सुखी,
हर पल मांगू यही दुआ,
आँगन आँगन सुख बरसा,
बरसा दाता सुख बरसा,
आँगन आँगन सुख बरसा।bd।

झोलियाँ सुखो की तुम,
सबकी दाता भर ही दो,
सतगुरु जी तुम हमें,
सब्र और शुक्र भी दो,
सबके दुखो की तू है दया,
आँगन आँगन सुख बरसा,
बरसा दाता सुख बरसा,
आँगन आँगन सुख बरसा।bd।

बेर क्लेश को मिटा,
दाता सकल संसार से,
नाम का स्मरण करे,
मिलके सारे प्यार से,
मानव से मानव हो ना जुदा,
आँगन आँगन सुख बरसा,
भाई से भाई हो ना जुदा,
आँगन आँगन सुख बरसा,
माँ से बेटा हो ना जुदा,
आँगन आँगन सुख बरसा।bd।

बरसा दाता सुख बरसा,
आँगन आँगन सुख बरसा,
चुन चुन कांटे नफरत के,
प्यार अमन के फूल खिला।bd।

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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