भारत जननी जय ।
भारत जननी जय । भारत जननी जय।

तेरे आँचल में पलते है अंग-अंग के वासी
जयति उर्वरे अन्नपुर्णा शक्तिदायिनी जय
भारत जननी जय ॥ १॥

हिम किरिट तव हरित कण्ठ पर शोभित विन्ध्याचल माला
चरण चूमता निल महासागर स्वतन्त्र हो मतवाला
वन्दन शत-शत वन्दन भारत जननी जय जय जय॥
भारत जननी जय ॥ २॥

गंगा यमुना महानदी कृष्णा सिन्धु कावेरी
शिखर तीर्थ काशी तक गाती पावन महिमा तेरि
हरा-भरा वक्षःस्थल तेरा जननी जय जय जय॥
भारत जननी जय ॥ ३ ॥

English Transliteration:
bhārata jananī jaya |
bhārata jananī jaya | bhārata jananī jaya |

tere ācala meṁ palate hai aṁga-aṁga ke vāsī
jayati urvare annapurṇā śaktidāyinī jaya
bhārata jananī jaya || 1 ||

hima kiriṭa tava harita kaṇṭha para śobhita vindhyācala mālā
caraṇa cūmatā nila mahāsāgara svatantra ho matavālā
vandana śata-śata vandana bhārata jananī jaya jaya jaya ||
bhārata jananī jaya || 2 ||

gaṁgā yamunā mahānadī kṛṣṇā sindhu kāverī
śikhara tīrtha kāśī taka gātī pāvana mahimā teri
harā-bharā vakṣaḥsthala terā jananī jaya jaya jaya ||
bhārata jananī jaya || 3 ||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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