दर्शनीया पूजनीया मातृ शत शत वंदना
कोटी कँठोंसे सुनो समवेत जननी प्रार्थना ॥

मानसार योगी शीला से ब्रह्मनद से सिंधु तक
कोटी क्षेत्रोंसे जुटाये पत्र फल और पुष्प जल
भक्ति नवध सूत्रमें बांधे सुमन आराधना ॥

धवल हिमगिरी के शिखरसे नीलगिरी की श्यामला
सिंधुके सिकता कणों से दीप्त मणीपुर की प्रभा
सप्त रंगोंसे सँवारे इंद्रधनु की कल्पना ॥

धूल का आंधड उडाता ग्रीष्म क्रूर वेग से
कडकडाते पश्चिमी झोंके तनोंको भेदते
सावनी रिम झिम बसंती राग की संयोजना ॥

विविधता से एकता का पुष्ट मा आधार तुम
भक्ति विव्हल वीर जन की इष्ट मा साकार तुम
चतुर वरणों के फलों की मूल मा की साधना ॥

darśanīyā pūjanīyā mātṛ śata śata vaṁdanā
koṭī kaṭhoṁse suno samaveta jananī prārthanā ||

mānasāra yogī śīlā se brahmanada se siṁdhu taka
koṭī kṣetroṁse juṭāye patra phala aura puṣpa jala
bhakti navadha sūtrameṁ bāṁdhe sumana ārādhanā ||

dhavala himagirī ke śikharase nīlagirī kī śyāmalā
siṁdhuke sikatā kaṇoṁ se dīpta maṇīpura kī prabhā
sapta raṁgoṁse savāre iṁdradhanu kī kalpanā ||

dhūla kā āṁdhaḍa uḍātā grīṣma krūra vega se
kaḍakaḍāte paścimī jhoṁke tanoṁko bhedate
sāvanī rima jhima basaṁtī rāga kī saṁyojanā ||

vividhatā se ekatā kā puṣṭa mā ādhāra tuma
bhakti vivhala vīra jana kī iṣṭa mā sākāra tuma
catura varaṇoṁ ke phaloṁ kī mūla mā kī sādhanā ||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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