देव यह आशीष शुभ दो ॥

चल सकें बाधा अनेकों।
मातृ-पद में लीन तन-मन
भावना विकसित वरण दो
देव यह आशीष शुभ दो ॥१॥

क्षुद्र जग की वासनाएँ
स्वार्थ मूलक भावनाएँ
दूर हों जीवन सफल हो
बस यही गति यही मति दो॥
देव यही आशीष शुभ दो ॥२॥

मातृ-सेवा के व्रती हम
निज बनें सबको बनायें।
देश का सौभाग्य जागे
सिध्द वह संजीवनी दो॥
देव यह आशीष शुभ दो ॥३॥

English Transliteration:
deva yaha āśīṣa śubha do ||

cala sakeṁ bādhā anekoṁ |
mātṛ-pada meṁ līna tana-mana
bhāvanā vikasita varaṇa do
deva yaha āśīṣa śubha do ||1||

kṣudra jaga kī vāsanāe
svārtha mūlaka bhāvanāe
dūra hoṁ jīvana saphala ho
basa yahī gati yahī mati do ||
deva yahī āśīṣa śubha do ||2||

mātṛ-sevā ke vratī hama
nija baneṁ sabako banāyeṁ |
deśa kā saubhāgya jāge
sidhda vaha saṁjīvanī do ||
deva yaha āśīṣa śubha do ||3||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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