धन्य हुई है आलोकित कर
जिसको प्रथम किरण दिनकर की
भरत भूमि यह है चिर पूजित
विमल कृति यह है नटवर की॥ध्रु ०॥

जिसकी गौरव गाथा नभ तक
हर्षित सागर माथा गाता।
जिसके चरणों की रज लेकर
हिन्दु महोदधि है लहराता।
जिसके पुत्र धरा पर लाये
विमल धार सुरसरि की॥१॥

भरत भूमि
गूँज रहा है अखिल विश्व में
जिसकी संस्कृति का संदेश।
नग्न भ्रमण करते मानव को
किया सुसज्जित देकर वेश।
जिसका ज्ञान विश्व में अनुपम
है गीता गिरधर की॥२॥

भरत भूमि
कोटि आक्रमण सहकर भी जो
मिट न सका है बना अटल।

dhanya huī hai ālokita kara
jisako prathama kiraṇa dinakara kī
bharata bhūmi yaha hai cira pūjita
vimala kṛti yaha hai naṭavara kī ||dhru 0||

jisakī gaurava gāthā nabha taka
harṣita sāgara māthā gātā |
jisake caraṇoṁ kī raja lekara
hindu mahodadhi hai laharātā |
jisake putra dharā para lāye
vimala dhāra surasari kī ||1||

bharata bhūmi
gūja rahā hai akhila viśva meṁ
jisakī saṁskṛti kā saṁdeśa |
nagna bhramaṇa karate mānava ko
kiyā susajjita dekara veśa |
jisakā jñāna viśva meṁ anupama
hai gītā giradhara kī ||2||

bharata bhūmi
koṭi ākramaṇa sahakara bhī jo
miṭa na sakā hai banā aṭala |

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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