धन्य तुम्हारा जीवनदान

सोती दुनिया जाग रही थी
दूर निराशा भाग रही थी
मन में जलती आग रही थी
उस क्षण में हम खो बैठे हैं तुमको नर- वर श्रीमान् ॥१॥

दबी राख में छिपे अग्नि-कण
उन्हें शोध कर लिया वीर प्रण
इन्ही कणों से विजय करुँ रण
इधर पुर्ति का समय उधर हो अकस्मात दीपक निर्वाण ॥२॥

वे पत्थर अब मूर्ति बने हैं
थे अपयश अब कीर्ति बने हैं
आकांक्षा की पुर्ति बने हैं
अरे दैव क्या चला गया वह कलाकार मंत्रज्ञ महान् ॥३॥

चला चला जा यहाँ कोटि-शत
देख रहे हैं वाट वीरव्रत
जो माता के लिए हुत
देख वही से अपने पथ के पथिकों का प्रचलन रण गान ॥४॥

English Transliteration:
dhanya tumhārā jīvanadāna

sotī duniyā jāga rahī thī
dūra nirāśā bhāga rahī thī
mana meṁ jalatī āga rahī thī
usa kṣaṇa meṁ hama kho baiṭhe haiṁ tumako nara- vara śrīmān ||1||

dabī rākha meṁ chipe agni-kaṇa
unheṁ śodha kara liyā vīra praṇa
inhī kaṇoṁ se vijaya karu raṇa
idhara purti kā samaya udhara ho akasmāta dīpaka nirvāṇa ||2||

ve patthara aba mūrti bane haiṁ
the apayaśa aba kīrti bane haiṁ
ākāṁkṣā kī purti bane haiṁ
are daiva kyā calā gayā vaha kalākāra maṁtrajña mahān ||3||

calā calā jā yahā koṭi-śata
dekha rahe haiṁ vāṭa vīravrata
jo mātā ke lie huta
dekha vahī se apane patha ke pathikoṁ kā pracalana raṇa gāna ||4||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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