जाग हिन्दुस्थान सोये जाग हिन्दुस्थान।

जाग राणा-कुल अमर हे
कुल-शिवा के वीर-वर हे
कर रही आह्वान जननी व्यथित व्याकुल प्राण॥१॥

तज परस्पर कलह मन की
साधना कर संगठन की
भर अपरिमित प्रेम उर गा दे प्रलय के गान॥२॥

ओ हिमालय तू गरज पड़
आज अपना मौन तज कर
थरथर जाये धरा उठा जाय उदधि उफान॥३॥

प्राप्त चिर-गौरव करे माँ
गात्र चिर-वैभव भरे माँ
वन्दिता हो अर्चिता हो हो पुनः उत्थान॥४॥

राष्त्र-ध्वज से स्फूर्ति लेकर
मृत-शिला को मूर्ति देकर
शीघ्र आलस को भगा दें आज जीवन दान॥५॥

jāga hindusthāna soye jāga hindusthāna |

jāga rāṇā-kula amara he
kula-śivā ke vīra-vara he
kara rahī āhvāna jananī vyathita vyākula prāṇa ||1||

taja paraspara kalaha mana kī
sādhanā kara saṁgaṭhana kī
bhara aparimita prema ura gā de pralaya ke gāna ||2||

o himālaya tū garaja paṛa
āja apanā mauna taja kara
tharathara jāye dharā uṭhā jāya udadhi uphāna ||3||

prāpta cira-gaurava kare mā
gātra cira-vaibhava bhare mā
vanditā ho arcitā ho ho punaḥ utthāna ||4||

rāṣtra-dhvaja se sphūrti lekara
mṛta-śilā ko mūrti dekara
śīghra ālasa ko bhagā deṁ āja jīvana dāna ||5||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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