नवीन पर्व के लिए नवीन प्राण चाहीए।

स्वतन्त्र देश हो गया प्रभुत्वमय दिशा मही
निशा कराल टल चली स्वतन्त्र माँ विभामयी
मुक्त मातृभूमि को नवीन मान चाहिए।
नवीन पर्व के लिए ॥१॥

चढ़ रहा निकेत है कि स्वर्ग छू गया सरल
दिशा-दिशा पुकारती कि साधना करो सफल
मुक्त गीत हो रहा नवी राग चाहिए
नवीन पर्व के लिए ॥२॥

युवकों कमर कसो कि कष्ट-कण्टकोंकी राह है
प्राण-दान का समय उमंग है उछाह है
पगों में आँधियाँ भरे प्रयाण-गान चाहिए।
नवीन पर्व के लिए ॥ ३॥

navīna parva ke lie navīna prāṇa cāhīe |

svatantra deśa ho gayā prabhutvamaya diśā mahī
niśā karāla ṭala calī svatantra mā vibhāmayī
mukta mātṛbhūmi ko navīna māna cāhie |
navīna parva ke lie ||1||

caṛha rahā niketa hai ki svarga chū gayā sarala
diśā-diśā pukāratī ki sādhanā karo saphala
mukta gīta ho rahā navīa rāga cāhie
navīna parva ke lie ||2||

yuvakoṁ kamara kaso ki kaṣṭa-kaṇṭakoṁkī rāha hai
prāṇa-dāna kā samaya umaṁga hai uchāha hai
pagoṁ meṁ ādhiyā bhare prayāṇa-gāna cāhie |
navīna parva ke lie || 3 ||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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