तेरी डमरू की धुन सुनके मैं काशी नगरी आई हूं
मेरे भोले ओ बम भोले मैं काशी नगरी आई हूं

सुना है हमने ओ भोले तेरी काशी में मुक्ति है
उसी गंगा में नहाने को मैं काशी नगरी आई हूं

सुना है हमने ओ भोले तेरी काशी में गंगा है
उसी गंगा को पाने को मैं काशी नगरी आई हूं

सुना है हमने ओ भोले तेरी काशी में मन्दिर है
उसी मन्दिर में पूजा को काशी नगरी आई हूं

 

Teri Damru Ki Dhun Sunke Me Kashi Nagri Aai Hu
Mere Bhole O Bam Bhole Main Kashi Nagri Aai Hu

Suna Hai Humne O Bhole Teri Kashi Me Hai Mukti
Usi Ganga Me Nahane Ko Me Kashi Nagri Aai Hu

Suna Hai Humne O Bhole Teri Kashi Me Ganga Hai
Usi Ganga Ko Pane Ko Main Kashi Nagri Aai Hu

Suna Hai Humne O Bhole Teri Kashi Me Mandir Hai
Usi Ganga Ko Paja Ko Main Kashi Nagri Aai Hu

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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