संस्कृती सबकी एक चिरंतनसंस्कृती सबकी एक चिरंतन खून रगों मे हिंदु हैं
विराट सागर समाज अपना हम सब इसके बिंदू हैं

राम कृष्ण गौतम की धरती, महावीर का ज्ञान यहां
वाणी खंडन मंडन करती, शंकर चारों धाम यहां
जिसने दर्शन राहें उतनी, चिंतान का चैतन्य भरा
पंथ खालसा गुरू पुत्रों की बलिदानी यह पुण्य धरा
अक्षय वट अगणित शखाऐं, जड में जीवन हिंदु हैं……………।१

कोटी हृदय हैं भाव एक हैं, इसी भूमि पर जन्म लिए
मातृभूमि यह कर्मभूमि यह, पुण्यभूमि हित मरे जिये
हारे – जीते संघर्षों में, साथ लढे बलिदान हुए
कालचक्र की मजबूरी में रिश्ते नाते बिखार गये
एक बडा परिवार हमारा, पुरखे सब के हिंदु हैं………………।२

सबकी रक्षा धर्म करेगा, उसकी रक्षा आज करें
वर्ण – भेद मत – भेद मिटा कर नव रचना निर्माण करें
धर्म हमारा जग में अभिनव, अक्षय है अविनाशी हैं
इसी कडी से जुडे हुए, युग युग से भारतवासी हैं
थाय अथाह जहां की महिमा, गहरा जैसे सिंधु हैं……………।।३

हरिजन गिरिजनवासी बन के, नगर ग्राम सब साध चलें
उंच नीच का भाव घटा कर, समता के सद्‌भाव बढें
ऊपर दिखते भेद भले हों, जैसे वनमें में फूल खिले
रंग बिरंगी मुस्कानों से, जीवन रस पर एक मिले

संजीवनी रस अमृत पीकर, मृत्युंजय हम हिंदु है……………।४

saMskRutI sabakI eka ciraMtana

saMskRutI sabakI eka ciraMtana KUna ragoM me hiMdu haiM
virATa sAgara samAja apanA hama saba isake biMdU haiM

rAma kRuShNa gautama kI dharatI, mahAvIra kA j~jAna yahAM
vANI KaMDana maMDana karatI, SaMkara cAroM dhAma yahAM
jisane darSana rAheM utanI, ciMtAna kA caitanya BarA
paMtha KAlasA gurU putroM kI balidAnI yaha puNya dharA
akShaya vaTa agaNita SaKA^^aiM, jaDa meM jIvana hiMdu haiM……………|1

koTI hRudaya haiM BAva eka haiM, isI BUmi para janma li^^e
mAtRuBUmi yaha karmaBUmi yaha, puNyaBUmi hita mare jiye
hAre – jIte saMGarShoM meM, sAtha laDhe balidAna hu^^e
kAlacakra kI majabUrI meM riSte nAte biKAra gaye
eka baDA parivAra hamArA, puraKe saba ke hiMdu haiM………………|2

sabakI rakShA dharma karegA, usakI rakShA Aja kareM
varNa – Beda mata – Beda miTA kara nava racanA nirmANa kareM
dharma hamArA jaga meM aBinava, akShaya hai avinASI haiM
isI kaDI se juDe hu^^e, yuga yuga se BAratavAsI haiM
thAya athAha jahAM kI mahimA, gaharA jaise siMdhu haiM……………||3

harijana girijanavAsI bana ke, nagara grAma saba sAdha caleM
uMca nIca kA BAva GaTA kara, samatA ke sad^^BAva baDheM
Upara diKate Beda Bale hoM, jaise vanameM meM PUla Kile
raMga biraMgI muskAnoM se, jIvana rasa para eka mile

saMjIvanI rasa amRuta pIkara, mRutyuMjaya hama hiMdu hai……………|4

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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