स्वयं प्रेरणा से माता की सेवा का व्रत धारा है
सत्य स्वयमसेवक बनने का सतत प्रयत्न हमारा है
देश भक्ति अधिकार जन्मा से जागृत हो कर जाना है
धर्मं भूमि सूत हिंदू हूँ मैं हमने यहाँ पहिचाना है
जीवन मरण सदा क्षण क्षण में यहाँ स्वदेश ही प्यारा है …स्वयं

प्यार नहीं व्यापार हमारा पुरस्कार की चाह नहीं
उपहारों का मोह नहीं जे हारों की परवाह नहीं
अंहकार को दूर रखेंगे प्रभु का सदा सहारा है …स्वयं

नित्य नियम से शाखा जाते गंगा गोते खाने को
संस्कारों से पल पल अपने तन मन को पुलाकाने को
आत्मा विजय के हेतु स्वयं का यहाँ अनुशासन सारा है …स्वयं

हम समाज के चेतन प्रहरी घर घर पहुँच जगायेंगे
गली गली में नगर गाँव में दीप से दीप जलाएंगे
हिंदू धर्मं हो वैभव पूरित जीवन लक्ष्य विचारा है …स्वयं

Swayam Preranaa Se Maataa Kee Sevaa Kaa Vrat Dhaaraa Hai
Satya Swayamsevak Banane Kaa Satat Prayatna Hamaaraa Hai

Desh Bhakti Adhikaar Janma Se Jaagrut Ho Kar Jaanaa Hai
Dharma Bhoomi Sut Hindu Hoon Main Hamane Yaha Pahichaanaa Hai
Jeevan Maran Sadaa Kshan Kshan Men Yaha Swadesh Hee Pyaaraa Hai …Swayam

Pyaar Naheen Vyaapaar Hamaaraa Puraskaar Kee Chaah Naheen
Upahaaron Kaa Moh Naheen Jay Haaron Kee Parawaah Naheen
Ahankaar Ko Door Rakhenge Prabhu Kaa Sadaa Sahaaraa Hai …Swayam

Nitya Niyam Se Shaakhaa Jaate Gangaa Gote Khaane Ko
Sanskaaron Se Pal Pal Apane Tan Man Ko Pulakaane Ko
Aatma Vijay Ke Hetu Swayam Kaa Yaha Anushaasan Saaraa Hai …Swayam

Ham Samaaj Ke Chetan Praharee Ghar Ghar Pahunch Jagaayenge
Gali Gali Men Nagar Gaanv Men Deep Se Deep Jalaayenge
Hindu Dharma Ho Vaibhav Pooreet Jeevan Lakshya Vichaaraa Hai …Swayam

मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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