स्वयंसेवकों का यही एक सपना,
बने कार्यकर्ता बढे देश अपना।

कोई श्यामवर्णी कोई गौर वर्णी,
कोई शांतभावी कोई क्रोधकर्णी,
सभी मित्र बनकर करें काम मिलकर,
कोई हो नवागत तो कोई पुराना,
बने कार्यकर्ता …………।।1।।

न पूर्वाग्रही हो न हो आत्मभावी,
ह्मरदयमन खुला हो विवेकी स्वभावी।
विचारों में स्थिरता वचन में मधुरता,
परायो व अपनों की निंदा से बचना।
बने कार्यकर्ता …………।।2।।

उमंगी रहे हम उमंगी हो साथी,
गति भी रहे आपसी मेल खाती।
अकेले ना हो हम यही ध्यान हरदम,
कदम से कदम को मिलाकर ही चलना।
बने कार्यकर्ता ………..।।3।।

हो चिंतन हमारा सदा दूरगामी,
मगर कार्यशैली हो एक एक कदमी।
सभी काम भारी हो परिणामकारी,
सफलता मिलेगी यही भाव भरना।
बने कार्यकर्ता ………..।।4।।

वाचन मनन और अनुभव कथन से,
रखे अद्यतन ज्ञान बौद्धिक यतन से।
सदा स्वस्थ हो और रहे व्यस्त भी हम,
समयदान क्षमता बढ़ाते ही रहना।
बने कार्यकर्ता …………।।5।।

स्वयंसेवकों का यही एक सपना,
बने कार्यकर्ता बढे देश अपना।

मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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