यहि घडी है हिन्दु युवको जगत पुनर्निर्माण की
आओ नवयुग की प्रतिमा मे करे प्रतिष्ठा प्राण की॥धृ॥महाकाल ने परिवर्तन का क्रम फिरसे दोहराया है
इस धरती पर स्वर्ग सृजन का सन्देषा पहुन्चाया है
नवनिर्माण हो सके ऐसा वातावरण बनाया है
दसोदिशाओ ने अन्तर से यह तूफान उठाया है
नही उपेक्षा करनी है अब सृष्टा के आव्हान की ॥१॥

भेद भावना स्वार्थ साधना से उपर उठना होगा
और सुप्त एकात्म भाव को जन जन मे भरना होगा
एक धरा के पुत्र पन्थ की भेद छोड जगना होगा
इस धरती का मान बढाने जगती पर छाना होगा
सब समाज हो आज सन्घटित जय बोले धरती माँ की ॥२॥

केशव के सन्घटन दुर्ग की हम अभेद्य दीवारे है
संस्कारों के द्वारा सुरभित हम उन्मुक्त समीरे है
माँ का वैभव अमर रहे यह मन्त्र सभी उच्चारे है
ध्येयनिष्ठ कन्टक पथ राही हम जलते अंगारे है
नई कथाए रचे चले हम जगती के उथ्थान की ॥३॥

yahi ghaḍī hai hindu yuvako jagata punarnirmāṇa kī
āo navayuga kī pratimā me kare pratiṣṭhā prāṇa kī ||dhṛ||

mahākāla ne parivartana kā krama phirase doharāyā hai
isa dharatī para svarga sṛjana kā sandeṣā pahuncāyā hai
navanirmāṇa ho sake aisā vātāvaraṇa banāyā hai
dasodiśāo ne antara se yaha tūphāna uṭhāyā hai
nahī upekṣā karanī hai aba sṛaṣṭā ke āvhāna kī ||1||

bheda bhāvanā svārtha sādhanā se upara uṭhanā hogā
aura supta ekātma bhāva ko jana jana me bharanā hogā
eka dharā ke putra pantha kī bheda choḍa jaganā hogā
isa dharatī kā māna baḍhāne jagatī para chānā hogā
saba samāja ho āja sanghaṭita jaya bole dharatī mā kī ||2||

keśava ke sanghaṭana durga kī hama abhedya dīvāre hai
saṁskāroṁ ke dvārā surabhita hama unmukta samīre hai
mā kā vaibhava amara rahe yaha mantra sabhī uccāre hai
dhyeyaniṣṭha kanṭaka patha rāhī hama jalate aṁgāre hai
naī kathāe race cale hama jagatī ke uththāna kī ||3||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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