कहते हैं अगर आप अपने काबिलियत और हौसले पर अडिग रहें तो आप एक ना एक दिन अपनी मंजिल ज़रूर प्राप्त करेंगे। आज की हमारी यह कहानी देहरादून की रहने वाली प्रियंका कुमारी की है जो अपने पिता के साथ खेतों मे काम करती थी और मेहनत से पहली प्रयास में ही UPSC की परीक्षा पास कर ली है। प्रियंका ने UPSC परीक्षा 2019 में 257वीं रैंक हासिल की है।

प्रियंका का परिचय

प्रियंका (Priyanka) का जन्म उत्तराखंड (Uttrakhand) में हुआ है। यह एक मध्यम वर्गीय परिवार की रहने वाली है। घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण यह अपने पिता के साथ खेतों में काम करती थी। इन्होंने अपनी मेहनत के दम पर पहली बार में ही UPSC की परीक्षा पास कर सभी युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन गईं है। इनका उदाहरण वहां के सभी माता – पिता अपने बच्चों को दे रहे हैं।

स्कूल से लौटने के बाद करती थी खेतों में काम

प्रियंका (Priyanka) के पिता का नाम राम दीवान (Ram Diwan) है जो अपने गांव में खेती करते हैं। प्रियंका पढ़ाई में काफी तेज थी और अच्छे स्कूलों में पढ़ना चाहती थी लेकिन घर की आर्थिक स्थिति बुरी होने के कारण वह अपने घर वालों से कुछ नही कहती और गांव के स्कूल में ही 10वीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी की। जब प्रियंका स्कूल से वापिस आती तो अपने पिता के साथ खेतों में काम करने चली जाती थीं। उन्होंने ने 10वीं में अच्छे अंक लाकर सबका दिल जीत लिया। फिर उनके पिता ने उन्हें आगे पढ़ने के लिए गोपेश्वर भेजा।

ग्रेजुएशन की पढ़ाई

प्रियंका(Priyanka) अपने पिता की आज्ञा मान कर ग्रेजुएशन कि पढ़ाई के लिए गोपेश्वर चली गईं। वहां इन्होंने अपनी मेहनत से सभी छात्रों के बीच अपनी एक अलग पहचान बना ली। कुछ दिनों बाद उनके कॉलेज में डीएम, एसए मुरुगेशन को आमंत्रित किया गया था। इस दौरान प्रियंका ने उन्हें भी अपने हुनर से प्रभावित किया। डीएम ने उनकी तारीफ करते हुए कहा तुम एक दिन सफतापूर्वक अपने मंजिल तक ज़रूर पहुंच जाओगी।

पहली प्रयास में ही UPSC परीक्षा पास की

प्रियंका(Priyanka) ने इसके बाद IAS की तैयारी शुरू कर दी। इन्होंने जी-तोड़ मेहनत की और UPSC परीक्षा 2019 में भाग ली। जब 4 अगस्त 2020 को परिणाम घोषित हुआ जिसमें उन्होंने 257वीं रैंक प्राप्त की। प्रियंका ने 2 दिनों तक अपने परिवार वालों से बात नहीं की। टीओआई के अनुसार जब उनके परिवार को इस खुशखबरी का पता चला तो उन्होंने प्रियंका के पास आकर उन्हें बधाई दी।

कर रही है वकालत की पढ़ाई

प्रियंका(Priyanka) अपने घर से लगभग 147 किलोमीटर दूर देहरादून ( Dehradun) में रह कर वकालत की पढ़ाई कर रहीं है। उनके गांव में ना तो सही तरीके से बिजली रहती है ना ही पक्की सड़क है और ना ही मोबाइल कनेक्टिविटी। जिसके कारण वह वहां नहीं रहती हैं क्योंकि उनकी पढाई में परेशानी होती है। प्रियंका के मेहनत से IAS बनने के लिए बधाई देता है।

मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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