प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो, प्रभु विश्वकर्मा।
सुदामा की विनय सुनी, और कंचन महल बनाये।
सकल पदारथ देकर प्रभु जी दुखियों के दुःख टारे।।

विनय करी भगवन श्री कृष्ण ने द्वारिकापुरी बनाओ ।
ग्वाल बालों की रक्षा की प्रभु की लाज बचायो ।।
रामचन्द्र ने पूजन की तब सेतु बांध रचि डारो

सब सेना को पार कियाप्रभु लंका विजय करावो ।
श्री कृष्ण के विजय सुनो प्रभु आके दर्शन दिखावो।।
शिल्प विद्या का दो प्रकाश मेरा जीवन सफल बनावो।।

मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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